Tuesday, October 27, 2026
लद्दाख मे हाईकोर्ट बेच शुरु
अधिवक्ता की हत्या पर अधिवक्ताओ का प्रदर्शन
अधिवक्ता हत्याकांड के आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग
कोर्ट जा रहे अधिवक्ता की हत्या
व्यवहार न्यायालय कर्मचारी 7 को मनाएंगे ब्लैक डे
गांधी जयंती पर आज रिहा होंगे 44 बुजुर्ग बंदी
जमुई बार एसोसिएशन ने लिया बड़ा फैसला
पटना सिविल कोर्ट को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी
सुप्रीम कोर्ट के फैसले आसान हिंदी मे सुन और पढ़ सकेंगे
न्यू दिल्ली। केंद्र सरकार ने स्वास्थ्यकर्मियों पर होने वाले हमले और उत्पीड़न को रोकने हेतु अध्यादेश लेकर आई है।इस अध्यादेश के मुताबिक अगर कोई आदमी मेडिकलकर्मियों के साथ हिंसा का दोषी पाया जाता है तो उसे ६महीने से लेकर सात साल की सजा होगी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने अध्यादेश की जानकारी देते हुए बताया की महामारी कानून में कैबिनेट ने बदलाव किया है और इसे गैर जमानती बनाया गया है।३०दिन में चार्ज शीट और एक साल में फैसला।मेडिकल टीम पर हमला करने पर ३महीने से५साल की सजा और ५०००० रुपए से२००००० रूपए का जुर्माना होगा। अगर गंभीर नुकसान हुआ तो ६महीने से ७साल की सजा का प्रावधान है और जुर्माना एक लाख रुपए से पांच लाख रुपए है। प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि अगर स्वास्थ्य कर्मियों के वाहनों या क्लीनिकों को नुकसान हुआ तो अपराधियों से क्षति ग्रस्त की गई संपत्ति का बाज़ार मूल्य का दुगुना मुआवजा के रूप में वसूला जाएगा। प्रधानमंत्री के हस्ताक्षर के तुरंत प्रभाव से जारी होगा। Lawkhabar की टीम की ओर आप सभी से अनुरोध है कि लॉकडाउन का पालन करें सोशल डिस्टेंस बनाकर रखें सावधानी बरतें।