Saturday, September 12, 2026
महिला अधिवक्ताओं को दिया गया 500 रूपया रक्षाबंधन मे
25 विशेष उत्पाद न्यायालय मे न्यायधीश नियुक्त
पटना हाई कोर्ट को मिले तीन स्थाई व चार एडिशनल जज
एडीजे देवराज बने परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश
न्यायिक पदाधिकारी के साथ हुआ साइबर फ़्रॉड
आज होगा एडवोकेट एसोसिएशन का चुनाव
भयभीत होकर काम कर रहें हैँ अधिवक्ता
नवादा की जिला सत्र न्यायाधीश का निधन
वरीय अधिवक्ता अंशुल राज पटना हाई कोर्ट के जज नियुक्त
उत्तरप्रदेश के एक गांव में मस्जिदों पर लाउड स्पीकर और एंपालीफायर लगाने लगाने पर एसडीएम द्वारा लगाई गई रोक हटाने से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंकार कर दिया।याचिका करने वालों की दलील थी कि वे मस्जिदों में रोजाना पांच बार दो मिनट के लिए इन उपकरणों के उपयोग की अनुमति चाहते है।दावा था कि इससे शांति व्यवस्था या प्रदूषण को खतरा नहीं है।यह उनके धार्मिक कार्यों का हिस्सा है, बढ़ती आबादी के कारण लोगों को लाउडस्पीकर के जरिए नमाज़ के लिए बुलाना जरूरी होता है।इस दलील को नकारते हुए जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस विपिन चन्द्र दीक्षित ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद २५(१) सभी नागरिकों को अपने धर्म को मानने और उसका प्रचार करने की अनुमति देता है। दूसरी ओर बुनायादी मूल्य है कि हाईकोर्ट को सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए उचित ढंग से अपने विशेष न्यायिक क्षेत्राधिकार का उपयोग करना चाहिए। मौजूदा मामले में यह साफ है कि ऐसा कराने की जरूरत नहीं है। इससे सामाजिक असंतुलन पैदा हो सकता है।