Tuesday, October 27, 2026
लद्दाख मे हाईकोर्ट बेच शुरु
अधिवक्ता की हत्या पर अधिवक्ताओ का प्रदर्शन
अधिवक्ता हत्याकांड के आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग
कोर्ट जा रहे अधिवक्ता की हत्या
व्यवहार न्यायालय कर्मचारी 7 को मनाएंगे ब्लैक डे
गांधी जयंती पर आज रिहा होंगे 44 बुजुर्ग बंदी
जमुई बार एसोसिएशन ने लिया बड़ा फैसला
पटना सिविल कोर्ट को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी
सुप्रीम कोर्ट के फैसले आसान हिंदी मे सुन और पढ़ सकेंगे
उत्तरप्रदेश के एक गांव में मस्जिदों पर लाउड स्पीकर और एंपालीफायर लगाने लगाने पर एसडीएम द्वारा लगाई गई रोक हटाने से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंकार कर दिया।याचिका करने वालों की दलील थी कि वे मस्जिदों में रोजाना पांच बार दो मिनट के लिए इन उपकरणों के उपयोग की अनुमति चाहते है।दावा था कि इससे शांति व्यवस्था या प्रदूषण को खतरा नहीं है।यह उनके धार्मिक कार्यों का हिस्सा है, बढ़ती आबादी के कारण लोगों को लाउडस्पीकर के जरिए नमाज़ के लिए बुलाना जरूरी होता है।इस दलील को नकारते हुए जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस विपिन चन्द्र दीक्षित ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद २५(१) सभी नागरिकों को अपने धर्म को मानने और उसका प्रचार करने की अनुमति देता है। दूसरी ओर बुनायादी मूल्य है कि हाईकोर्ट को सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए उचित ढंग से अपने विशेष न्यायिक क्षेत्राधिकार का उपयोग करना चाहिए। मौजूदा मामले में यह साफ है कि ऐसा कराने की जरूरत नहीं है। इससे सामाजिक असंतुलन पैदा हो सकता है।