Tuesday, July 28, 2026
25 विशेष उत्पाद न्यायालय मे न्यायधीश नियुक्त
पटना हाई कोर्ट को मिले तीन स्थाई व चार एडिशनल जज
एडीजे देवराज बने परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश
न्यायिक पदाधिकारी के साथ हुआ साइबर फ़्रॉड
आज होगा एडवोकेट एसोसिएशन का चुनाव
भयभीत होकर काम कर रहें हैँ अधिवक्ता
नवादा की जिला सत्र न्यायाधीश का निधन
वरीय अधिवक्ता अंशुल राज पटना हाई कोर्ट के जज नियुक्त
पटना सिविल कोर्ट बम से उड़ाने की फिर मिली धमकी
नई दिल्ली। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा की प्रताड़ित महिला प्रताड़ना के कारण ससुराल छोड़ कर मायके या किसी अन्य जगह शरण ली हुई महिला वहीं पर आईपीसी की धारा 498ए(प्रताड़ना) का मुकदमा दर्ज करा सकती है।वहां की अदालत को उस मुकदमे को सुनने का क्षेत्राधिकार होगा।कोर्ट ने धारा498ए की व्याख्या करते हुए कहा है कि इसमें शारिरिक और मानसिक दोनों प्रताड़ना शामिल मानी जाएगी।प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ,एल नागेश्वर राव और संजय किशन कौल की पीठ ने दो न्यायाधीश की पीठ के बिरोधाभाषी फैसले के कारण तीन न्यायाधीश की पीठ को भेजे गए कानूूूनी सवाल का जवाब देते हुए यह अहम व्यवस्था दी है।